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PATNA: IGIMS में सितंबर-अक्टूबर में शुरू होंगे B, C और E ब्लॉक, 1397 से बढ़कर करीब 1750 हो जाएगी बेड क्षमता

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | पटना के IGIMS में B, C और E ब्लॉक को सितंबर के अंत या अक्टूबर की शुरुआत में शुरू करने की तैयारी है। इससे अस्पताल की बेड क्षमता करीब 1750 हो जाएगी।

पटना, 29 अगस्त। बिहार में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में राजधानी स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में एक महत्वपूर्ण विस्तार की तैयारी चल रही है। अस्पताल में मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या और इलाज की जरूरत को देखते हुए बी, सी और ई ब्लॉक को जल्द मरीजों के लिए खोलने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार सितंबर के अंतिम सप्ताह या अक्टूबर की शुरुआत में इन तीनों ब्लॉकों का उद्घाटन कराया जा सकता है।

IGIMS के उपनिदेशक विभूति प्रसन्न सिन्हा ने बताया कि संस्थान के पांच प्रमुख ब्लॉकों में से ए और डी ब्लॉक पहले ही शुरू किए जा चुके हैं। इन दोनों ब्लॉकों में मरीजों के उपचार से जुड़ी आवश्यक सुविधाएं संचालित हो रही हैं। अब शेष बी, सी और ई ब्लॉक को भी चरणबद्ध तरीके से सेवा में लाने की तैयारी की जा रही है।

अस्पताल प्रशासन का मानना है कि IGIMS में इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में नए ब्लॉकों के संचालन से मरीजों को अतिरिक्त जगह, आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं और अधिक बेड उपलब्ध हो सकेंगे। इन भवनों को जल्द से जल्द पूरी क्षमता के साथ इस्तेमाल में लाने के लिए आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियों को तेज किया गया है।

AC सिस्टम से लेकर अत्याधुनिक उपकरणों तक पर फोकस

नए ब्लॉकों को शुरू करने से पहले अस्पताल प्रशासन भवनों की सभी तकनीकी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटा है। विशेष रूप से एयर कंडीशनिंग सिस्टम को शीघ्र क्रियाशील करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही मरीजों के उपचार के लिए जरूरी अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण और अन्य सुविधाओं को भी तैयार किया जा रहा है।

उपनिदेशक ने बताया कि इसको लेकर हाल में समीक्षा बैठक भी हुई थी। बैठक में भवनों को जल्द से जल्द मरीजों की सेवा में लाने के लिए जरूरी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्णय लिया गया। स्वास्थ्य विभाग और IGIMS के निदेशक डॉ. बिंदे कुमार के दिशा-निर्देश में संबंधित कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है।

करीब 350 अतिरिक्त बेड की बढ़ोतरी

IGIMS में वर्तमान में करीब 1397 बेड उपलब्ध हैं। बी, सी और ई ब्लॉक के संचालन के बाद संस्थान की कुल बेड क्षमता बढ़कर लगभग 1750 तक पहुंचने की उम्मीद है। यानी नए ब्लॉकों के शुरू होने से अस्पताल में करीब 350 अतिरिक्त बेड उपलब्ध होंगे।

करीब 280 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए जा रहे इन ब्लॉकों में मरीजों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण चिकित्सा सुविधाएं विकसित की गई हैं। इनमें ओपीडी, ऑपरेशन थिएटर, क्रिटिकल केयर यूनिट और जनरल इमरजेंसी जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

इन सुविधाओं के शुरू होने के बाद गंभीर और सामान्य दोनों तरह के मरीजों को इलाज के लिए अतिरिक्त संसाधन मिलेंगे। इससे मौजूदा व्यवस्था पर दबाव कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

रोजाना 6 से 7 हजार मरीज पहुंच रहे IGIMS

IGIMS में मरीजों की बढ़ती संख्या का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां प्रतिदिन लगभग 6 से 7 हजार मरीज इलाज और चिकित्सकीय परामर्श के लिए पहुंच रहे हैं। अस्पताल प्रशासन इसे संस्थान के प्रति लोगों के बढ़ते भरोसे का संकेत मान रहा है।

बिहार के विभिन्न जिलों के अलावा दूसरे क्षेत्रों से भी मरीज IGIMS पहुंचते हैं। सरकारी संस्थान होने के कारण यहां निजी अस्पतालों की तुलना में अपेक्षाकृत कम खर्च में इलाज की सुविधा मिलती है। यही वजह है कि गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए भी बड़ी संख्या में मरीज IGIMS का रुख कर रहे हैं।

इमरजेंसी में भी क्षमता बढ़ाने की तैयारी

अस्पताल प्रशासन का ध्यान केवल ओपीडी और सामान्य उपचार व्यवस्था पर ही नहीं, बल्कि गंभीर मरीजों के लिए इमरजेंसी सुविधा को मजबूत करने पर भी है। फिलहाल मुख्य इमरजेंसी, स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट और क्षेत्रीय चतुर्थ संस्थान में गंभीर मरीजों के लिए कुल 110 बेड की व्यवस्था बताई गई है।

इन सेवाओं में मरीजों की निगरानी और उपचार के लिए चौबीसों घंटे चिकित्सकों तथा मेडिकल अटेंडेंट की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। अस्पताल प्रशासन आने वाले समय में इमरजेंसी बेड की संख्या बढ़ाने की योजना पर भी काम कर रहा है।

500 बेड के भवन के बाद बड़ी इमरजेंसी की योजना

IGIMS में भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इमरजेंसी सेवा के विस्तार की भी बड़ी योजना बनाई जा रही है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार 500 बेड वाला भवन पूरी तरह कार्यरत होने के बाद ओपीडी क्षेत्र में उपलब्ध खाली स्थान का उपयोग करते हुए अत्याधुनिक इमरजेंसी वार्ड विकसित करने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

प्रस्तावित योजना के तहत करीब 2500 बेड की क्षमता वाली बड़ी और आधुनिक इमरजेंसी व्यवस्था विकसित करने की बात कही गई है। यदि यह योजना पूरी होती है तो गंभीर मरीजों को तत्काल इलाज उपलब्ध कराने की संस्थान की क्षमता में काफी इजाफा हो सकता है।

स्वास्थ्य व्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती

IGIMS में नए ब्लॉकों का संचालन बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नए बेड और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होने से एक ओर जहां मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर मौजूदा अस्पताल व्यवस्था पर पड़ने वाले दबाव को भी कम किया जा सकेगा।

सितंबर के अंत या अक्टूबर की शुरुआत में बी, सी और ई ब्लॉक के उद्घाटन का लक्ष्य पूरा होता है तो आने वाले समय में हजारों मरीजों को इसका सीधा लाभ मिलने की संभावना है। अस्पताल प्रशासन का फोकस फिलहाल भवनों की तकनीकी तैयारियों को पूरा कर उन्हें पूरी तरह मरीज सेवा के लिए तैयार करने पर है।

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टिप्पणी

बिहार में सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों पर बढ़ता मरीजों का भरोसा एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन इसके साथ अस्पतालों की क्षमता बढ़ाना भी उतना ही जरूरी है। IGIMS में रोजाना हजारों मरीज पहुंच रहे हैं। ऐसे में अतिरिक्त बेड, आधुनिक उपकरण, ऑपरेशन थिएटर और क्रिटिकल केयर सुविधाओं का विस्तार समय की जरूरत है।

बी, सी और ई ब्लॉक के शुरू होने से करीब 350 अतिरिक्त बेड उपलब्ध होने की उम्मीद है। इससे मरीजों को निश्चित रूप से राहत मिल सकती है। हालांकि केवल भवन तैयार कर देना पर्याप्त नहीं होगा। नए ब्लॉकों में पर्याप्त संख्या में डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, तकनीकी कर्मचारी, मेडिकल अटेंडेंट और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता भी सुनिश्चित करनी होगी।

इमरजेंसी सेवा को मजबूत करने की योजना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि गंभीर मरीजों के लिए समय पर इलाज जीवन बचाने में निर्णायक भूमिका निभाता है। प्रस्तावित बड़े इमरजेंसी वार्ड की योजना को भी केवल कागज तक सीमित रखने के बजाय चरणबद्ध तरीके से जमीन पर उतारने की जरूरत है।

यदि बुनियादी ढांचे के साथ मानव संसाधन और चिकित्सा उपकरणों की पर्याप्त व्यवस्था भी सुनिश्चित होती है, तो IGIMS न केवल बिहार बल्कि आसपास के राज्यों के मरीजों के लिए भी और अधिक मजबूत सरकारी चिकित्सा केंद्र के रूप में अपनी भूमिका निभा सकता है।

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